Pant ka kavya shilp

By: Language: English Publication details: Kanpur Sahitya Ratnalaya 1987Description: 371p pDDC classification:
  • 891.431511 PS196:SS
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891.431511 PS196:SP सुमित्रानंदन पंत ग्रंथावली 7 खण्ड. खण्ड-1 : हार, वीणा, ग्रन्थि, पल्लव, गुंजन, ज्योत्स्ना; खण्ड-2:युगपथ, युगवाणी, ग्राम्या, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, मधुज्वाल; खण्ड-3:उत्तरा, रजत-शिखर, शिल्पी, सौवर्ण, युगयरूष, छाया, अतिमा; खण्ड-4:किरण वीणा, वाणी, कला और बूढा़ चाँद, पौ फटने से पहिले पतझरः एक भावक्रान्ति गीतहंस; खण्ड-5:लोकायतन; खण्ड-6:पाँच कहानियाँ, छायावादःपुनर्मूल्यांकन, साठ वर्षः एक रेखांकन, निबन्ध; खण्ड-7:शंखध्बनि, शशि की तरी, समाधिता, आस्था, सत्यकाम, गीत-अगीत, संक्रान्ति 891.431511 PS196:SP सुमित्रानंदन पंत ग्रंथावली 7 खण्ड. खण्ड-1 : हार, वीणा, ग्रन्थि, पल्लव, गुंजन, ज्योत्स्ना; खण्ड-2:युगपथ, युगवाणी, ग्राम्या, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, मधुज्वाल; खण्ड-3:उत्तरा, रजत-शिखर, शिल्पी, सौवर्ण, युगयरूष, छाया, अतिमा; खण्ड-4:किरण वीणा, वाणी, कला और बूढा़ चाँद, पौ फटने से पहिले पतझरः एक भावक्रान्ति गीतहंस; खण्ड-5:लोकायतन; खण्ड-6:पाँच कहानियाँ, छायावादःपुनर्मूल्यांकन, साठ वर्षः एक रेखांकन, निबन्ध; खण्ड-7:शंखध्बनि, शशि की तरी, समाधिता, आस्था, सत्यकाम, गीत-अगीत, संक्रान्ति 891.431511 PS196:SP सुमित्रानंदन पंत ग्रंथावली 7 खण्ड. खण्ड-1 : हार, वीणा, ग्रन्थि, पल्लव, गुंजन, ज्योत्स्ना; खण्ड-2:युगपथ, युगवाणी, ग्राम्या, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, मधुज्वाल; खण्ड-3:उत्तरा, रजत-शिखर, शिल्पी, सौवर्ण, युगयरूष, छाया, अतिमा; खण्ड-4:किरण वीणा, वाणी, कला और बूढा़ चाँद, पौ फटने से पहिले पतझरः एक भावक्रान्ति गीतहंस; खण्ड-5:लोकायतन; खण्ड-6:पाँच कहानियाँ, छायावादःपुनर्मूल्यांकन, साठ वर्षः एक रेखांकन, निबन्ध; खण्ड-7:शंखध्बनि, शशि की तरी, समाधिता, आस्था, सत्यकाम, गीत-अगीत, संक्रान्ति 891.431511 PS196:SS Pant ka kavya shilp 891.431511 PS196S:VA स्वच्धेंदः सुमित्रानन्दन पन्त की कविताओ का संचयन 891.431511 PS196SW स्वर्ण धूलि 891.431511 PS196T तारापथ

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